लौट आओ सजना
तरसे हैं मेरी अखियां
जग लागे सूना सूना
शहर लागे ना अपना
ना जाने तुम हो कहा
थक गई मेरी अखियां
जग लागे सूना सूना
शहर लागे ना अपना
अहसास दूरी की है
फिर भी कर पाऊं कुछ ना
यादों में तेरी यूं मैं
खो ही जाऊ सजना
हमराज तुम हो मेरे
इस पल ना तुम हो यहां
ढूंढे तुम्हे ये अंखियां
शहर लागे ना अपना
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歌词
लौट आओ सजना
तरसे हैं मेरी अखियां
जग लागे सूना सूना
शहर लागे ना अपना
ना जाने तुम हो कहा
थक गई मेरी अखियां
जग लागे सूना सूना
शहर लागे ना अपना
अहसास दूरी की है
फिर भी कर पाऊं कुछ ना
यादों में तेरी यूं मैं
खो ही जाऊ सजना
हमराज तुम हो मेरे
इस पल ना तुम हो यहां
ढूंढे तुम्हे ये अंखियां
शहर लागे ना अपना
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