
时间:2025-08-04
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अरै चौगरदे तै बाग , हरया घण घोर घटा सामण की
छोरी गावै ,छोरी गावै, छोरी गावै गीत सुरीले झूल घली कामण की र र र र र र
हेरे मार चौकड़ी चढ़ी पिंग पै ,लते चाल सूखा कै
दो छोरिया नै लस्कर पकड़या इधर उधर तै आकै
न्यून घुमाई र न्यून घुमाई मारी शिखर चढ़ा कै
सासु जी का नाक तोड़ ल्याई लाम्बा हाथ बढ़ा कै
हेरे झौठा फिरग्या खिली बति सी
वा कह झूल थामण की
छोरी गावै ,छोरी गावै, छोरी गावै गीत सुरीले झूल घली कामण की र र र र र र
हेरे तेज हवा मैं पला उडग्या होस रहया ना दाती का
हाशणं नै जी करया था मुँह पाट्या ना सरमाती का
चकर आके नाथ उलझग्या पेच लिकड़ग्या पाती का
कोडी होक ठावन लागी हार झुक्या छाती का
वा रै पला ठा मुँह पूछन लागी गयी दिख कली दामण की
छोरी गावै ,छोरी गावै, छोरी गावै गीत सुरीले झूल घली कामण की र र र र र र
ऊँची एड़िया के बूट पहररी कली तोड़िये भारी
हसली कंठी मोहन माला कई बिंदी तक भी लारी
हरे थान का कमीज पहररी काली पिली धारी
52 गज का घूम घागरा कली चमके न्यारी न्यारी
उस दरजी के नै छाट करी सरमागजी और लामण की
छोरी गावै ,छोरी गावै, छोरी गावै गीत सुरीले झूल घली कामण की र र र र र र
हेरे जब आवै सामण महीना छोरी रंग नै छाटय
किसे की छोरी किसे की गोरी सबके साटे साट्य
20 साल तै निचे निचे खुरिया धरती काटय
किसे का सिंधारा किसे की कोथली भर भर बुगटे बाट्य
हेरे बेरा ना कद तीज मनगी इस लख्मी चंद बामण की
छोरी गावै ,छोरी गावै, छोरी गावै गीत सुरीले झूल घली कामण की र र र र र र