अंधेरों से निकाल कर, तूने राह दिखाई है
मेरे खाली पैमाने में, अपनी रूह भरी है
मैं कुछ भी नहीं था, तूने मुझको बनाया
अपने ही लहू से, तूने मुझको छुड़ाया
येशुआ… तू ही मेरी सांस है
येशुआ… तू ही मेरी आस है
तेरे बिना मैं शून्य हूँ
तेरे संग मैं अनंत हूँ
सागर की गहराई से गहरा, तेरा प्रेम है पिता
आसमान की ऊँचाई से ऊँचा, तेरा नाम है खुदा
जब मैं थक कर गिरा, तूने हाथ बढ़ाया
मेरी हर एक आह को, तूने गीत बनाया
येशुआ… तू ही मेरी सांस है
येशुआ… तू ही मेरी आस है
तेरे बिना मैं शून्य हूँ
तेरे संग मैं अनंत हूँ
कोई हथियार जो मेरे खिलाफ बने, सफल ना होगा
क्योंकि मेरा ज़िंदा खुदा, मेरे साथ खड़ा है
मेरा भरोसा रथों पर नहीं, मेरा भरोसा घोड़ों पर नहीं
मेरा भरोसा सिर्फ… सिर्फ मसीहा पर है
येशुआ… तू ही मेरी सांस है
येशुआ… तू ही मेरी आस है
तेरे बिना मैं शून्य हूँ
तेरे संग मैं अनंत हूँ
"ऐ खुदावंद, इस वक्त हम तेरे चरणों में झुकते हैं।
तू जो अल्फ़ा और ओमेगा है, शुरुआत और अंत है।
हमारी ज़िंदगी का हर पल तेरी महिमा करे।
हम खुद को तेरे हाथों में सौंप देते हैं।"
अब मैं नहीं, पर तू मुझमें ज़िंदा है
मेरा जीवन अब तेरा ही घरौंदा है
हर एक धड़कन, बस तेरा नाम पुकारे
हम तेरी उपासना करें, तेरे चरणों के द्वारे
येशुआ… तू ही मेरी सांस है
येशुआ… तू ही मेरी आस है
तेरे बिना मैं शून्य हूँ
तेरे संग मैं अनंत हूँ
तू ही अनंत है…
मेरा मसीह…
तू ही सांस है…