जो तेरे जाने के बाद समझा
वक़्त भी थक कर रुक जाता है
तेरी यादें धूल-सी उड़ती हैं
दिल की ख़िड़की पे जम जाती हैं
तेरी हँसी की हल्की सी रेखा
अब भी कमरे में चलती रहती है
मैं वही हूँ
बस तू बदल गई
या मेरी दुनिया ही ढहती रहती है
ख़ुदा जाने क्यों
तेरे बिन भी तुझे ही माँगूँ
हर दुआ में
हर सज़ा में
तेरा नाम ही दोहराऊँ
तू चली गई पर
तेरा साया यहाँ रह गया
टूटी साँसों में भी
एक सपना सा कह गया
कि शायद फिर मिलेंगे हम कभी
काग़ज़ों पर तेरे नाम की बारिश
हर हरफ़ से एक मौसम टपके
तेरी बातों के सूखे से जंगल में
मेरी खामोशी के झरने छपके
ये शहर तुझ बिन आधा अधूरा
रास्ते सब तेरी तरफ़ मुड़ते हैं
भूले-बिसरे इक किस्से जैसा
हम भी दिल ही दिल में जुड़ते हैं
ख़ुदा जाने क्यों
तेरे बिन भी तुझे ही माँगूँ
हर दुआ में
हर सज़ा में
तेरा नाम ही दोहराऊँ
तू चली गई पर
तेरा साया यहाँ रह गया
टूटी साँसों में भी
एक सपना सा कह गया
कि शायद फिर मिलेंगे हम कभी
तेरी आँखों के टूटे से तारे
अब मेरी पलकों पे तन्हा जलते
मैं अँधेरे में रौशनी ढूँढता हूँ
तेरे कल के लिए आज सँभलते
अगर तुझे भी कभी याद आए
वो अधूरा सा आख़िरी लम्हा
बस एक बार मेरा नाम पुकारना
मैं हवाओं से लौट आउँगा (ओ ओ)
ख़ुदा जाने क्यों
तेरे बिन भी तुझे ही माँगूँ
हर दुआ में
हर सज़ा में
तेरा नाम ही दोहराऊँ
तू चली गई पर
तेरा साया यहाँ रह गया
टूटी साँसों में भी
एक सपना सा कह गया
कि शायद फिर मिलेंगे हम कभी
शायद फिर मिलेंगे हम कभी