Sundar Kand Doha 26-Ajaay Ranaa

Sundar Kand Doha 26

歌手:Ajaay Ranaa

时间:2026-05-28

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歌词

॥ दोहा 26 ॥

पूँछ बुझाइ खोइ श्रम धरि लघु रूप बहोरि,जनकसुता कें आगें ठाढ़ भयउ कर जोरि।

॥ चौपाई ॥

मातु मोहि दीजे कछु चीन्हा।जैसें रघुनायक मोहि दीन्हा॥

चूड़ामनि उतारि तब दयऊ।हरष समेत पवनसुत लयऊ॥

कहेहु तात अस मोर प्रनामा।सब प्रकार प्रभु पूरनकामा॥

दीन दयाल बिरिदु संभारी।हरहु नाथ मम संकट भारी॥

तात सक्रसुत कथा सनाएहु।बान प्रताप प्रभुहि समुझाएहु॥

मास दिवस महुँ नाथु न आवा।तौ पुनि मोहि जिअत नहिं पावा॥

कहु कपि केहि बिधि राखौं प्राना।तुम्हहू तात कहत अब जाना॥

तोहि देखि सीतलि भइ छाती।पुनि मो कहुँ सोइ दिनु सो राती॥

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