Bhole Ki Kawad-Ravikant Bhurri

Bhole Ki Kawad

时间:2025-06-25

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歌词

धरके डीजे टैम्पू पे, सारे धूमा थाते आरे से...

हरिद्वार में रुक्का पड़र्या, सारे लम्बे ठाड़े आरे से...

कोई सूटम सूट भज्र्या से, कई गाड़ी घोड़े लयारे से...

तेरे दिल्ली, यूपी, हरियाणा के चले सारे आरे से..

ये गामा आले उत्त सारे कावड़ लेवन आरे से...

सब भगवा रंग में रंगरे से, भोले भगता की मौज से..

जाम लगारे रोड़ा पे , या सब हिंदुओ की फौज है...

भुर्री आले श्रीकांत के सारे यारे प्यारे से...

तेरे दिल्ली, यूपी, हरियाणा के चेले सारे आरे से..

ये गामा आले उत्त सारे कावड़ लेवन आरे से...

मारेंगे सपाटे बाबा इबके हर की पौडी पे...

तेरा बड़ा सा टट्टू बनवाया, हमने छाती चोड़ी पे...

देसी घी का चूरमा सब तेरी खातर ल्यारे से...

तेरे दिल्ली, यूपी, हरियाणा के चेले सारे आरे से..

ये गामा आले उत्त सारे कावड़ लेवन आरे से...

यो सिला सिला गंगा जल, डुबकी में जाडा चढ़ ज्या से....

फेर चिलम का सुट्टा लाके ने तेरा नसा कुसुता चढ़ जयया से...

हे, त्रिलोकी महाकाल, तेरे सब जयकारे लारे से

तेरे दिल्ली, यूपी, हरियाणा के चेले सारे आरे से..

ये गामा आले उत्त सारे कावड़ लेवन आरे से...

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