मुखड़ा
सुगवा रे सुगवा पापा खेललो जुगवा जुगवे में एलो हमरा हार
ऐतने एहसान कर चुनरी एगो दान कर दे देई दे निशानी अंतिम बार
सुगनि गे सुग्नि पापा से काहे न पूछनी धनमां संपतिया जैतोले हार
ऐतने ऐहसान कर दे कफन एगो दान कर दे आग देके अंतिम संस्कार
अंतरा
दुनियां के इहे रे रीति रिवाज है
दुश्मन प्यार टोलवा समाज है
काहे खातिर प्यार बनायलेके भगवान
करो है कबूल नाय जब दुनियां जहान
जान रे जान चुप रह ना कान नैनमां से लोर मत ढार
ऐतने एहसान कर चुनरी एगो दान कर दे देई दे निशानी अंतिम बार
ऐतने ऐहसान कर दे कफन एगो दान कर दे आग देके अंतिम संस्कार
अंतरा
प्रेम के अक्षर हैं पहिले से अधूरा
आज तक केकरो ना होले रे पुरा
तोड़ दोष नाय हाउ दोष हमरे कर्म में
खुश रहियो जानू मिलवो अगला जन्म में
चिंटु राजा से नाता जुटलो अमित आशिक अब तोरा देवो हम विशार
ऐतने एहसान कर चुनरी एगो दान कर दे देई दे निशानी अंतिम बार
ऐतने ऐहसान कर दे कफन एगो दान कर दे आग देके अंतिम संस्कार