Holi Khele Raghuveera-Surabhi Kashyap

Holi Khele Raghuveera

时间:2025-03-03

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歌词

धड़के लागल जियरा हमरो

भीजे लागल चुनरी

भांग के अइसन रंग चढ़ल बा..

कइसे जइबू बहरी ?

सिया निकले अवधवा के ओर

होलिया खेले रामलला....

रामलला हो घनश्याम लला

सिया निकले....

प्रीत के रंग बरसेला जबसे

देहिया त भीजेला मनवा भी तरसे

आवा रंगवा लगाई तोहके मनबसिया

एहो... आज बिरज में होली रे रसिया...

होली रे रसिया... बरजोरी रे रसिया...आज बिरज में

आज जनकपुर झूम रहा है।

नेह का रंग लेके घूम रहा है।

क्योंकि...

सांवले हैं...राम सिया गोरी

मिथिला में...

मिथिला में राम खेले होरी..मिथिला में...

जोगीरा सारा-रा जोगीरा सारा..

केहू बांटे पुआ पूड़ी केहू बांटे दिल हो

केहू बांटे दिल

केहू बांटे पुआ पूड़ी केहू बांटे दिल

भैया खातिर भौजी बनावsतारी रील हो...

बोला हई रे हई हा...

होली खेले रघुवीरा अवध में होली खेले रघुवीरा

केकरा हाथे कनक पिचकारी केकरा हाथे अबीरा अवध में..

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