Sundar Kand Doha 4-Ajaay Ranaa

Sundar Kand Doha 4

歌手:Ajaay Ranaa

时间:2026-05-28

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歌词

॥ दोहा 4 ॥

तात स्वर्ग अपबर्ग सुख धरिअ तुला एक अंग,तूल न ताहि सकल मिलि जो सुख लव सतसंग।

॥ चौपाई ॥

प्रबिसि नगर कीजे सब काजा।हृदयँ राखि कोसलपुर राजा॥

गरल सुधा रिपु करहिं मिताई।गोपद सिंधु अनल सितलाई॥

गरुड़ सुमेरु रेनु सम ताही।राम कृपा करि चितवा जाही॥

अति लघु रूप धरेउ हनुमाना।पैठा नगर सुमिरि भगवाना॥

मंदिर मंदिर प्रति करि सोधा।देखे जहँ तहँ अगनित जोधा॥

गयउ दसानन मंदिर माहीं।अति बिचित्र कहि जात सो नाहीं॥

सयन किएँ देखा कपि तेही।मंदिर महुँ न दीखि बैदेही॥

भवन एक पुनि दीख सुहावा।हरि मंदिर तहँ भिन्न बनावा॥

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