Garib Aur Rakshabandhan-Amit Ashik

Garib Aur Rakshabandhan

歌手:Amit Ashik

时间:2024-08-15

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歌词

मुखड़ा

भैया हो भैया देदा कुछ रुपईया राखी किने जैवे बजार

तोहरे कलाईया सजाईवो ए भइया आजू भाई बहिन के त्योहार

देहिया बिकतोल त बेच देतीयोल देहियो जाइके हम हाट बाजार

सुझो ना उपाईया लेईयो कहां से रुपईया देलको मालिक्वा ना पगार

अंतरा

कतना अभागिन हम कते बदनशिव

राखी नाही मिले भाई रहते क़रीब

कोनो भाई होवे नहीं ऐतना गरीब

बहिन रहते होवे ना राखी के नसीब

कर्जा भी मिलो त लेई लेना कर्जो केकरो से एक दिन उधार

तोहरे कलाईया सजाईवो ए भइया आजू भाई बहिन के त्योहार

सुझो ना उपाईया लेईयो कहां से रुपईया देलको मालिक्वा ना पगार

अंतरा

कवन निर्दिया बनाईलके रुपईया

बाहिनी के खातिर रोबो है दोनों भैया

हाय रे गरीबी हमर हाय रे रुपईया

भाई रहते बहिन कैसन समईया

चिंटु राजा अमित आशिक आशीष ऐसे मत बैठा मन मार

तोहरे कलाईया सजाईवो ए भइया आजू भाई बहिन के त्योहार

सुझो ना उपाईया लेईयो कहां से रुपईया देलको मालिक्वा ना पगार

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