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Intro
Yeah... ये सवाल शायद हर बेटे के दिल में होता है... माँ... तू आखिर थकती क्यों नहीं?
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Rap Verse 1
जब मैं छोटा था, तूने उंगली पकड़ाई, गिरने से पहले ही दुनिया दिखलाई। खुद के आँसू तक छुपा लिया करती थी, मेरी हँसी में अपनी खुशी सजाई।
सुबह से शाम तक बस काम ही काम, फिर भी चेहरे पे रहता था मुस्कान। मैंने कभी सोचा ही नहीं बचपन में, कैसे निभाती थी तू हर एक अरमान।
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Hook
माँ तू थकती क्यों नहीं, दर्द अपना कहती क्यों नहीं। सबके लिए जीती है उम्र भर, खुद के लिए जीती क्यों नहीं।
माँ तू थकती क्यों नहीं... ❤️
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Rap Verse 2
मेरी एक ज़िद पे तू बाज़ार चली जाती, अपने खर्चों को हमेशा भूल जाती। मेरे सपनों की खातिर लड़ती रही, और अपनी ख्वाहिशों को धूल बनाती।
जब भी घर में मुश्किलों का दौर आया, सबसे पहले तूने हौसला बढ़ाया। मैंने भगवान को देखा नहीं कभी, पर तेरे चेहरे में ही रब नज़र आया।
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Hook
माँ तू थकती क्यों नहीं, दर्द अपना कहती क्यों नहीं। सबके लिए जीती है उम्र भर, खुद के लिए जीती क्यों नहीं।
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Rap Verse 3
आज बड़ा होकर ये समझ आया है, तेरे बिना कुछ भी नहीं पाया है। मेरी हर जीत के पीछे नाम तेरा, तूने ही मुझे इंसान बनाया है।
Akash Gupta आज ये बात लिखता है, माँ का कर्ज़ कोई कहाँ चुका पाता है। दुनिया की सारी दौलत कम पड़ जाए, माँ का प्यार कभी नापा नहीं जाता है।
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Outro
अगर कभी मेरी आवाज़ तुझ तक पहुँचे, तो बस इतना समझ लेना माँ... तेरा बेटा तुझसे बहुत प्यार करता है। ❤️