Manjha - Mitraz/Anmol A
Lyrics by:Anmol Ashish
Composed by:Anmol Ashish
Produced by:Anmol Ashish
टूटा है जो ये दिल का मांझा
तू ही आके इसे सुलझा जा
तुम्हें कैसे बताऊं मैं रांझा
तुम कितने हसीन लगते
तेरे मांझे से दिल कट जाए पिया
तेरे ज़ुल्फो में जा उलझा है पिया
मेरे दिल को ये ग़म तूने है दिया
हौले-हौले इसे सुलझाना पिया
तेरी मुस्काने करती सुबह है
तेरा ही नशा है तेरा ही नशा है
मेरी गलियों में चाँद खिला है
तू ही तो वहाँ है हाँ वहाँ है
टूटा है जो ये दिल का मांझा
तू ही आके इसे सुलझा जा
तुम्हें कैसे बताऊं मैं रांझा
तुम कितने हसीन लगते
ज़रिया तू मेरे जीने का
नज़रिया तेरी बिन जीने ना
आके पूछ ले हम कैसे हैं
तेरे बिन ना आती नींदें हाँ
तेरी मुस्काने करती सुबह है
तेरा ही नशा है तेरा ही नशा है
मेरी गलियों में चाँद खिला है
तू ही तो वहाँ है हाँ वहाँ है
टूटा है जो ये दिल का मांझा
तू ही आके इसे सुलझा जा
तुम्हें कैसे बताऊं मैं रांझा
तुम कितने हसीन लगते