तन्हा सफर, ये खामोश राहें,
दिल की सदा, कहे कुछ चाहें।
चाँदनी रातें, उलझी सी बातें,
कोई परछाईं, फिर भी साथ है।
तुम कहां हो, ओ मेरे ख़्वाब?
दिल की धड़कन, पूछे जवाब।
गिटार की धुन में, यादें समाई,
तन्हा सफर, क्यों आई? क्यों आई?
शबनम की बूंदें, जैसे आंसू छलके,
सपनों के जाल में, दिल फिर अटका।
हवा में गूंजे, वो मीठी सरगम,
पर तन्हाई का गीत, रहे संगम।
दिल से दिल की वो बातें,
खोई-खोई मुलाक़ातें।
तुम कहां हो, ओ मेरे ख़्वाब?
दिल की धड़कन, पूछे जवाब।
गिटार की धुन में, यादें समाई,
तन्हा सफर, क्यों आई? क्यों आई?
सितारों की रोशनी में,
जले ये दिल अकेले।
तेरी यादें हैं जैसे,
गिटार के वो सुर झमेले।