
时间:2022-04-08
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राम राम जय राजा राम पति दा पावन सीता राम - 2
राम राम जय राम राम जय राम राम जय राम - 2
भजमन राम चरण सुखदाई - 6
जिहि चरनन से निकसी सुरसरि
शंकर जटा समाई - 2
जटा संकरी नाम परयो है - 2
त्रिभुवन तारन आई
भजमन राम चरण सुखदाई - 2
जिन चरनन की चरन पादुका
भरत रह्यो लवलाई - 2
सोइ चरन केवट धोइ लीने - 2
तब हरि नाव चलाई
भजमन राम चरण सुखदाई - 2
सोइ चरन संत जन सेवत
सदा रहत सुखदाई - 2
सोइ चरन गौतमऋषि-नारी - 2
परसि परमपद पाई
भजमन राम चरण सुखदाई- 2
दंडक वन प्रभु पावन कीन्हो
ऋषियन त्रास मिटाई - 2
सोई प्रभु त्रिलोक के स्वामी - 2
कनक मृग सँग धाई
भजमन राम चरण सुखदाई - 2
कपि सुग्रीव बंधु भय-व्याकुल
तिन जय छत्र फिराई - 2
रिपु को अनुज विभीषण निसिचर - 2
परसत लंका पाई
भजमन राम चरण सुखदाई - 2
राम राम, राम राम, राम राम - 2
सिव सनकादिक अरु ब्रह्मादिक
सेष सहस मुख गाई - 2
तुलसीदास मारुत-सुतकी प्रभु - 2
निज मुख करत बड़ाई
भजमन राम चरण सुखदाई - 8