तेरे दर को छोड़ के किस दर जाउ मैं
तेरे दर को छोड़ के किस दर जाउ मैं
सुनता मेरी कौन है किसे सुनाऊ मैं
सुनता मेरी कौन है किसे सुनाऊ मैं
तेरे दर को छोड़ के किस दर जाउ मैं
देख लिया जग सारा मेने तेरे जेसा मित्र नहीं दाता
तेरे जेसा मित्र नहीं
तेरे जेसा सबल सहारा तेरे जैसी प्रीत नहीं
किन सब्दो में आपकी महिमा गाऊं मैं
तेरे दर को छोड़ के किस दर जाउ मैं
तेरे दर को छोड़ के किस दर जाउ मैं
अपने पथ पर आप चालू में मुझमे एतना ज्ञान नहीं दाता
मुझमें एतना ज्ञान नहिं गोमती नन्द
मैं था अंधा
भला बुरा पहचान नहीं हाथ पकड़ कर ले चलो ठोकर खाउ में
तेरे दर को छोड़ के किस दर जाउ मैं
तेरे दर को छोड़ के किस दर जाउ मैं
मारे पाप करम हे मुझसे प्रीत ना करने दतय है डेटा
प्रीत ना करने देते हैं कभी जो चाहु मिलु आपको रोक वो लाते हैं
केसे स्वामी आपके दर्शन पाउउ म
तेरे दर को छोड़ के किस दर जाउ मैं
सुनता मेरी कौन है किसे सुनाऊ मैं
तेरे दर को छोड़ के किस दर जाउ मैं
तेरे दर को छोड़ के किस दर जाउ मैं
किस दर जाई माई, किस दर जाउ माई
बोल बाके बिहारी लाल की जय