Tum Jo Aaye (From

Tum Jo Aaye (From"Once Upon A Time In Mumbaai")

时间:2025-03-13

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歌词

Tum Jo Aaye (From"Once Upon A Time In Mumbaai") (From"Once Upon A Time In Mumbaai") - Rahat Fateh Ali Khan/Tulsi Kumar

Lyrics by:Irshad Kamil

Composed by:Irshad Kamil

Produced by:Pritam

पाया मैंने पाया तुम्हें रब ने मिलाया तुम्हें

होंठों पे सजाया तुम्हें नग़में सा गाया तुम्हें

पाया मैंने पाया तुम्हें सब से छुपाया तुम्हें

सपना बनाया तुम्हें नींदों में बुलाया तुम्हें

तुम जो आए ज़िंदगी में बात बन गई

इश्क़ मज़हब इश्क़ मेरी ज़ात बन गई

पाया मैंने पाया तुम्हें रब ने मिलाया तुम्हें

होंठों पे सजाया तुम्हें नग़में सा गाया तुम्हें

पाया मैंने पाया तुम्हें सब से छुपाया तुम्हें

सपना बनाया तुम्हें नींदों में बुलाया तुम्हें

हो तुम जो आए ज़िंदगी में बात बन गई

सपने तेरी चाहतों के

सपने तेरी चाहतों के देखती हूँ अब कई

दिन है सोना और चाँदी रात बन गई

हो तुम जो आए ज़िंदगी में बात बन गई

पाया मैंने पाया तुम्हें रब ने मिलाया तुम्हें

होंठों पे सजाया तुम्हें नग़में सा गाया तुम्हें

पाया मैंने पाया तुम्हें सब से छुपाया तुम्हें

सपना बनाया तुम्हें नींदों में बुलाया तुम्हें

नींदों में बुलाया तुम्हें

चाहतों का मज़ा फ़ासलों में नहीं

आ छुपा लूँ तुम्हें हौसलों में कहीं

सबसे ऊपर लिखा है तेरे नाम को\

ख्वाहिशों से जुड़े सिलसिलों में कहीं

ख्वाहिशें मिलने की तुमसे

ख्वाहिशें मिलने की तुमसे रोज़ होती हैं नई

मेरे दिल की जीत मेरी मात बन गई

हो तुम जो आए ज़िंदगी में बात बन गई

पा मा गा मा पा गा गा गा मा गा मा गा गा सा

पा मा गा मा पा गा गा

पा मा गा मा पा गा गा गा मा गा मा गा गा सा

पा मा गा मा पा गा गा

गा पा धा नि सा धा पा धा पा मा पा मा गा गा रे

गा मा पा नि धा पा मा पा गा रे सा नि सा

पाया मैंने पाया तुम्हें रब ने मिलाया तुम्हें

होंठों पे सजाया तुम्हें नग़में सा गाया तुम्हें

पाया मैंने पाया तुम्हें सब से छुपाया तुम्हें

सपना बनाया तुम्हें नींदों में बुलाया तुम्हें

ज़िंदगी बेवफ़ा है ये माना मगर

छोड़कर राह में जाओगे तुम अगर

छीन लाऊँगा मैं आसमाँ से तुम्हें

सूना होगा ना ये दो दिलों का नगर

रौनकें हैं दिल के दर पे

रौनकें हैं दिल के दर पे धड़कने हैं सुरमई

मेरी क़िस्मत भी तुम्हारे साथ बन गई

हो तुम जो आए ज़िंदगी में बात बन गई

इश्क़ मज़हब इश्क़ मेरी ज़ात बन गई

सपने तेरी चाहतों के

सपने तेरी चाहतों के देखती हूँ अब कई

दिन है सोना और चाँदी रात बन गई

हो तुम जो आए ज़िंदगी में बात बन गई

पाया मैंने पाया तुम्हें रब ने मिलाया तुम्हें

होंठों पे सजाया तुम्हें नग़में सा गाया तुम्हें

पाया मैंने पाया तुम्हें सब से छुपाया तुम्हें

सपना बनाया तुम्हें नींदों में बुलाया तुम्हें

पाया मैंने पाया तुम्हें रब ने मिलाया तुम्हें

होंठों पे सजाया तुम्हें नग़में सा गाया तुम्हें

पाया मैंने पाया तुम्हें सब से छुपाया तुम्हें

सपना बनाया तुम्हें नींदों में बुलाया तुम्हें

नींदों में बुलाया तुम्हें

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