
在手机上保存,获得更好体验
हम चट्टानों भिड़ लेंगें, हम तुफानो से लड़ लेंगे,
हम शीश नहीं झुकने देंगे, चाहे धड़ ये धरा पे धर देंगे,
हम खुन से धरती सीचेंगे, वीरों की फसल उगाएंगे....
हम सबकुछ अपना हार के भी हर जीत छीन के लाएंगे....
हम भारत मां के बेटे हैं, हर जीत छीन के लाएंगे......
मदमस्त हवा के झोंके हम,
रूकते हैं किसके रोके हम,
जिनको भारत ना भाता है,
उन गद्दारो को ठोकें हम,
सुखदेव भगत के भाई हैं,
हम लक्ष्मीबाई के बेटे हैं,
हमें मौत का बिल्कुल खौफ नहीं,
हम खुद ही कफन लपेटे हैं,
हम एक बराबर सौ के हैं अब दुश्मन को समझाएंगें......
हम सबकुछ अपना हार के भी हर जीत छीन के लाएंगे....
हम भारत मां के बेटे हैं, हर जीत छीन के लाएंगे......
हम पुजें वीर शिवाजी को,
महराणा के तलवार हैं हम,
आजाद हिंद के हम सुभाष,
और लौहपुरुष सरदार हैं हम,
हैं हम बिहार के वीर कुंवर,
हम ही गुजराती गांधी हैं,
हम जैसे ही बनते कलाम,
हम बिस्मिल शब्दों की आंधी हैं,
हाथों मे थाम तिरंगे को जन गण मन से हम गाएंगे......
हम सबकुछ अपना हार के भी हर जीत छीन के लाएंगे....
हम भारत मां के बेटे हैं, हर जीत छीन के लाएंगे......
हम राजस्थान से तपते हैं,
कश्मीर की ठंडी वादी हैं,
अमृत का हमको शौक नहीं,
हम गंगाजल के आदी हैं,
हिंदू मुस्लिम हम एक से हैं,
नहि जाति धरम मे बंटना है,
हमे मानवता का शीर्ष शिखर,
अब साथ मे मिलकर चढ़ना है,
चाणक्य बुद्ध हम भारत के फिर विश्वगुरु कहलाएंगे.......
हम सबकुछ अपना हार के भी हर जीत छीन के लाएंगे....
हम भारत मां के बेटे हैं, हर जीत छीन के लाएंगे......